A happy child drinking milk and flexing muscles, promoting a healthy breakfast habit.

विटामिन डी और कैल्शियम: शरीर की मजबूती के लिए ‘पावर कपल’ का होना क्यों जरूरी है?

जब बात हड्डियों की मजबूती या दांतों के स्वास्थ्य की आती है, तो हमारे दिमाग में सबसे पहले कैल्शियम का नाम आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो आप चाहे कितना भी कैल्शियम खा लें, वह आपके शरीर के किसी काम का नहीं?

चिकित्सा विज्ञान में विटामिन डी और कैल्शियम को ‘पावर कपल’ कहा जाता है क्योंकि ये दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। आइए समझते हैं इनके बीच के इस गहरे संबंध को।

1. विज्ञान की नज़र से: विटामिन डी, कैल्शियम का ‘द्वारपाल’ है

हमारे शरीर में कैल्शियम का मुख्य काम हड्डियों का निर्माण और उन्हें घनत्व (Density) प्रदान करना है। लेकिन हमारी आंतें (Intestines) सीधे तौर पर भोजन से कैल्शियम को नहीं सोख सकतीं।

  • विटामिन डी की भूमिका: विटामिन डी शरीर में एक ‘चाबी’ या ‘गेटकीपर’ की तरह काम करता है। यह आंतों में उन रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है जो भोजन से कैल्शियम को खींचकर रक्त (Blood) में पहुँचाते हैं।
  • बिना विटामिन डी के क्या होता है? यदि शरीर में विटामिन डी कम है, तो आंतें केवल 10% से 15% कैल्शियम ही सोख पाती हैं। बाकी का कैल्शियम शरीर से बाहर निकल जाता है, जिससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

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2. जब यह तालमेल बिगड़ता है: ‘चोरी’ का सिद्धांत

जब रक्त में कैल्शियम का स्तर कम होने लगता है और विटामिन डी की कमी के कारण नया कैल्शियम नहीं मिल पाता, तो हमारा शरीर एक आपातकालीन मोड (Emergency Mode) में चला जाता है:

  1. पैराथायराइड ग्रंथि (Parathyroid Gland) सक्रिय हो जाती है।
  2. यह ग्रंथि हड्डियों से कैल्शियम ‘चुराना’ शुरू कर देती है ताकि रक्त में इसका स्तर बना रहे (क्योंकि कैल्शियम दिल की धड़कन और मांसपेशियों के लिए भी जरूरी है)।
  3. परिणाम: हड्डियां खोखली हो जाती हैं, जिससे वयस्कों में ऑस्टियोपोरोसिस और बच्चों में रिकेट्स का खतरा बढ़ जाता है।

3. इन दोनों को एक साथ कैसे लें?

इन दोनों पोषक तत्वों का लाभ उठाने के लिए इन्हें सही तरीके से लेना जरूरी है:

  • आहार का मेल: पनीर या दूध (कैल्शियम) के साथ विटामिन डी युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे फोर्टिफाइड अनाज या मशरूम) लें।
  • वसा (Fats) का महत्व: विटामिन डी वसा में घुलनशील है। इसलिए कैल्शियम युक्त भोजन के साथ थोड़ा स्वस्थ फैट (जैसे घी, जैतून का तेल या मेवा) लेने से विटामिन डी और कैल्शियम दोनों का अवशोषण बढ़ जाता है।
  • मैग्नीशियम और विटामिन K2: ये दो अन्य पोषक तत्व हैं जो कैल्शियम को रक्त से निकालकर सीधे हड्डियों तक पहुँचाने में मदद करते हैं। हरी सब्जियां और बीज इनके अच्छे स्रोत हैं।

4. क्या सप्लीमेंट्स एक साथ लेने चाहिए?

बाजार में अधिकांश सप्लीमेंट्स कैल्शियम + विटामिन डी3 के संयोजन (Combination) में आते हैं।

  • फायदा: यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनकी डाइट संतुलित नहीं है।
  • सावधानी: कैल्शियम सप्लीमेंट को एक बार में 500mg से ज्यादा न लें, क्योंकि शरीर इससे ज्यादा एक साथ नहीं सोख पाता। बेहतर होगा कि इसे दिन में दो बार कम मात्रा में लें।

5. चेकलिस्ट: आपकी हड्डियों की मजबूती के लिए

पोषक तत्वमुख्य कार्यसबसे अच्छा स्रोत
कैल्शियमहड्डियों का ढांचा बनानादूध, पनीर, रागी, बादाम, तिल
विटामिन डीकैल्शियम को सोखनाधूप, मशरूम, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड तेल
विटामिन K2कैल्शियम को सही जगह पहुँचानापत्तेदार सब्जियां, फर्मेंटेड फूड

निष्कर्ष

हड्डियों का स्वास्थ्य केवल कैल्शियम पीने से नहीं सुधरेगा। आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि आपके शरीर में पर्याप्त विटामिन डी भी है। याद रखें, कैल्शियम अगर ‘ईंट’ है, तो विटामिन डी वह ‘सीमेंट’ है जो उन ईंटों को जोड़कर आपके शरीर रूपी घर को मजबूती प्रदान करता है।

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