खगोल विज्ञान और ज्योतिष में रुचि रखने वालों के लिए वर्ष 2026 रोमांच से भरा रहेगा। इस वर्ष आकाश में अद्भुत खगोलीय नजारे देखने को मिलेंगे, जिनमें पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) और चंद्र ग्रहण शामिल हैं। ग्रहण न केवल एक वैज्ञानिक घटना है, बल्कि इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व भी बहुत अधिक होता है।
आइए जानते हैं साल 2026 में कब-कब ग्रहण लगेंगे और क्या ये भारत में दिखाई देंगे।
वर्ष 2026 के ग्रहणों की सूची (Eclipse Calendar 2026)
| ग्रहण का प्रकार | तिथि (Date) | दृश्यता (Visibility) |
| पूर्ण चंद्र ग्रहण | 3 मार्च 2026 | भारत, एशिया, अमेरिका |
| पूर्ण सूर्य ग्रहण | 12 अगस्त 2026 | यूरोप, उत्तर अमेरिका, आर्कटिक |
| आंशिक चंद्र ग्रहण | 28 अगस्त 2026 | यूरोप, अफ्रीका, अमेरिका |
| वलयाकार सूर्य ग्रहण | 17-18 फरवरी 2026 | अंटार्कटिका, दक्षिण अमेरिका |
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→ पूरा लेख पढ़ें1. पूर्ण चंद्र ग्रहण (3 मार्च 2026)
साल का पहला ग्रहण एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह फाल्गुन पूर्णिमा के दिन लगेगा।
- भारत में स्थिति: यह ग्रहण भारत के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य होगा।
- प्रभाव: ग्रहण के दौरान चंद्रमा कन्या राशि और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा।
2. पूर्ण सूर्य ग्रहण (12 अगस्त 2026)
यह साल की सबसे बड़ी खगोलीय घटना होगी। 12 अगस्त को लगने वाला सूर्य ग्रहण ‘पूर्ण सूर्य ग्रहण’ होगा, जहाँ चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेगा।
- विशेषता: इसे “Great Icelandic Eclipse” भी कहा जा रहा है क्योंकि यह आइसलैंड और स्पेन में अद्भुत दिखेगा।
- भारत में स्थिति: यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक के नियम लागू नहीं होंगे।
महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाएं 2026
ग्रहणों के अलावा, 2026 में ग्रहों के बड़े गोचर भी होंगे:
- शनि का राशि परिवर्तन: शनि देव अपनी राशि बदलकर मीन में प्रवेश करेंगे, जिससे कई राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव बदलेगा।
- गुरु (बृहस्पति) का गोचर: गुरु देव कर्क राशि (अपनी उच्च राशि) में प्रवेश करेंगे, जो शिक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है।
सूतक काल और सावधानियां
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है।
- क्या करें: मंत्रों का जाप करें, ग्रहण के बाद स्नान और दान करें।
- क्या न करें: भोजन पकाना या खाना, नुकीली वस्तुओं का प्रयोग और मंदिर में मूर्तियों को छूना वर्जित है।
- गर्भवती महिलाएं: ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें और शांत मन से इष्ट देव का ध्यान करें।
FAQ
- प्रश्न: 2026 का पहला ग्रहण कब है?
- उत्तर: 2026 का पहला ग्रहण 17-18 फरवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण है, जो वलयाकार होगा।
- प्रश्न: क्या 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखेगा?
- उत्तर: नहीं, यह ग्रहण मुख्य रूप से यूरोप और आर्कटिक क्षेत्रों में दिखाई देगा।
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