संगम की रेती पर आपका अस्थाई निवास (Magh Mela 2026 Accommodation)
प्रयागराज का माघ मेला दुनिया का सबसे बड़ा अस्थाई शहर है। जनवरी और फरवरी की कड़ाके की ठंड में जब लाखों लोग संगम तट पर इकट्ठा होते हैं, तो प्रशासन और निजी संस्थाएं उनके ठहरने के लिए व्यापक इंतजाम करती हैं। यदि आप 3 जनवरी से 15 फरवरी 2026 के बीच माघ मेला जाने का प्लान कर रही हैं, तो आपके पास ठहरने के तीन मुख्य विकल्प होते हैं: शानदार टेंट सिटी, शहर के होटल, या पारंपरिक धर्मशालाएं। आइए जानते हैं कि आपकी सुविधा और बजट के हिसाब से कौन सा विकल्प सबसे बेहतर है।
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माघ मेला 2026 — प्रयागराज यात्रा गाइड
माघ मेला 2026 के लिए विस्तृत यात्रा गाइड — तिथि-समय, स्नान स्थल, पहुँच विकल्प, आवास और जरूरी सलाह – सभी महत्वपूर्ण बिंदु एक जगह।
→ पूरा लेख पढ़ें1. टेंट सिटी (Tent City): मेले का असली अनुभव
अगर आप मेले की ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण को करीब से महसूस करना चाहती हैं, तो मेला क्षेत्र के भीतर बने टेंट में रुकना सबसे अच्छा है।
- लग्जरी और प्रीमियम टेंट्स: निजी वेंडर्स (जैसे कुंभ कैनवास या इंद्रप्रस्थम) आलीशान टेंट सिटी बसाते हैं। यहाँ आपको फाइव-स्टार होटल जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जैसे गर्म पानी, हीटर, आरामदायक बेड और वाई-फाई।
- अनुमानित किराया: ₹5,000 से ₹15,000 प्रति रात।
- स्विस कॉटेज: ये मध्यम बजट के लिए अच्छे हैं। इनमें अटैच्ड वॉशरूम और बेसिक फर्नीचर होता है।
- अनुमानित किराया: ₹2,500 से ₹4,500 प्रति रात।
- फायदा: आप संगम तट के बहुत करीब होते हैं, जिससे ब्रह्म मुहूर्त (सुबह के समय) में स्नान करना आसान हो जाता है।
2. प्रयागराज के प्रमुख होटल: आधुनिक सुविधा के लिए
यदि आप टेंट के बजाय पक्की दीवारों और शहरी सुरक्षा को प्राथमिकता देती हैं, तो सिविल लाइंस या जंक्शन के पास के होटल बेस्ट हैं।
- प्रीमियम होटल्स: ‘होटल कान्हा श्याम’, ‘होटल विवंता’ या ‘द लेजेंड’ जैसे होटल उन लोगों के लिए अच्छे हैं जो परिवार के साथ आ रहे हैं।
- बजट होटल्स: प्रयागराज जंक्शन और जीरो रोड के पास आपको ₹1,500 से ₹2,500 के बीच अच्छे होटल मिल जाएंगे।
- सावधानी: मुख्य स्नान तिथियों (जैसे मौनी अमावस्या) पर होटलों का किराया 2 से 3 गुना तक बढ़ जाता है। बुकिंग कम से कम 1 महीना पहले कर लें।
3. धार्मिक आश्रम और धर्मशालाएं: सबसे सस्ता विकल्प
आस्था और कम बजट का संगम आपको यहाँ की धर्मशालाओं में मिलेगा।
- अलोपीबाग और दारागंज: ये इलाके संगम के सबसे करीब हैं और यहाँ सैकड़ों धर्मशालाएं हैं।
- किराया: ₹300 से ₹800 प्रति कमरा या बेड।
- कल्पवासी शिविर: यदि आप पूरे एक महीने के लिए आ रही हैं (कल्पवास के लिए), तो कई धार्मिक संस्थाएं और अखाड़े अपने शिविरों में रहने और भोजन की व्यवस्था निःशुल्क या बहुत कम दान पर करते हैं।
- सरकारी रैन बसेरे: प्रशासन द्वारा भी उन श्रद्धालुओं के लिए रैन बसेरे बनाए जाते हैं जो केवल एक रात के लिए आते हैं।
4. ठहरने की जगह चुनते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- संगम से दूरी: कोशिश करें कि आपकी रुकने की जगह मेला क्षेत्र के 2-3 किलोमीटर के दायरे में हो। स्नान के दिनों में गाड़ियाँ प्रतिबंधित होती हैं, इसलिए आपको पैदल चलना पड़ सकता है।
- सुरक्षा: यदि आप महिला यात्री हैं या अकेले यात्रा कर रही हैं, तो हमेशा प्रमाणित टेंट सिटी या भीड़भाड़ वाले इलाकों के होटलों में ही रुकें।
- बुकिंग का तरीका: यूपी पर्यटन (UP Tourism) की आधिकारिक वेबसाइट से टेंट सिटी की बुकिंग करना सबसे सुरक्षित और विश्वसनीय तरीका है।
- ठंड से बचाव: रात में संगम की रेती बहुत ठंडी हो जाती है। यदि आप टेंट में रुक रही हैं, तो सुनिश्चित करें कि वहां पर्याप्त हीटिंग या मोटे कंबलों की व्यवस्था हो।
5. प्रयागराज के अन्य दर्शनीय स्थल (Stay के साथ घूमें)
जब आप यहाँ रुकें, तो इन जगहों के लिए भी समय निकालें:
- लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर: संगम के बिल्कुल पास।
- अक्षयवट और पातालपुरी मंदिर: प्रयागराज किले के भीतर।
- आनंद भवन: नेहरू परिवार का पुश्तैनी घर।
- चंद्रशेखर आजाद पार्क: जहाँ महान क्रांतिकारी शहीद हुए थे।
निष्कर्ष
माघ मेला 2026 की यात्रा आपके लिए यादगार हो, इसके लिए सही आवास का चुनाव बहुत जरूरी है। जहाँ टेंट सिटी आपको भक्ति और प्रकृति का अनूठा अनुभव देती है, वहीं होटल आपको आधुनिक आराम प्रदान करते हैं। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार सही विकल्प चुनें और पुण्य की इस पावन धारा में डुबकी लगाएं।
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