Deepinder Goyal Ne Sar Par Kya Pehna Tha? | दीपिंदर गोयल ने सर पर क्या पहना था और वह 'Temple Device' क्या है?

Deepinder Goyal Ne Sar Par Kya Pehna Tha? | दीपिंदर गोयल ने सर पर क्या पहना था और वह ‘Temple Device’ क्या है?

हाल ही में सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एक तस्वीर और वीडियो जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें जोमैटो (Zomato) और ईटरनल (Eternal) के सीईओ दीपिंदर गोयल (Deepinder Goyal) को एक खास तरह का गैजेट पहने देखा गया। राज शमानी के पॉडकास्ट “Figuring Out” में उनके चेहरे के दाहिने हिस्से, यानी कनपट्टी (Temple) के पास एक छोटी सी मेटालिक चिप जैसी चीज लगी हुई थी। इसे देखकर लोगों के मन में कई सवाल उठे—क्या यह कोई नया फैशन है? क्या यह कोई मेडिकल समस्या है? या फिर भविष्य की कोई नई तकनीक?

आज के इस विस्तृत लेख में हम जानेंगे कि आखिर वह चीज क्या थी, उसका नाम क्या है और दीपिंदर गोयल उसे क्यों पहन रहे हैं।

वह रहस्यमयी डिवाइस क्या है? (What is the Temple Device?)

दीपिंदर गोयल ने अपनी कनपट्टी पर जो छोटा सा सिल्वर या गोल्डन रंग का उपकरण पहना था, उसका नाम ‘Temple’ (टेम्पल) है। यह एक एक्सपेरिमेंटल वियरेबल हेल्थ गैजेट (Experimental Wearable Health Gadget) है।

यह डिवाइस कोई साधारण चिप नहीं है, बल्कि एक सेंसर-आधारित उपकरण है जिसे विशेष रूप से ब्रेन ब्लड फ्लो (Cerebral Blood Flow) यानी मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को ट्रैक करने के लिए डिजाइन किया गया है।

दीपिंदर गोयल इसे क्यों पहन रहे हैं? (The Purpose of the Device)

दीपिंदर गोयल केवल एक सफल बिजनेसमैन ही नहीं हैं, बल्कि वे दीर्घायु (Longevity) और स्वास्थ्य अनुसंधान (Health Research) में भी काफी रुचि रखते हैं। उन्होंने खुलासा किया कि वह पिछले लगभग एक साल से खुद इस डिवाइस का परीक्षण कर रहे हैं। इसके पीछे मुख्य उद्देश्य उनकी “ग्रैविटी एजिंग हाइपोथेसिस” (Gravity Ageing Hypothesis) की जांच करना है।

क्या है ग्रैविटी एजिंग हाइपोथेसिस?

दीपिंदर गोयल का मानना है कि गुरुत्वाकर्षण (Gravity) हमारे बुढ़ापे की प्रक्रिया में एक बड़ी भूमिका निभाता है। उनके सिद्धांत के अनुसार:

  • इंसान अपने जीवन का अधिकांश समय सीधे खड़े रहकर या बैठकर बिताता है।
  • क्योंकि हमारा मस्तिष्क हृदय (Heart) के ऊपर स्थित होता है, इसलिए गुरुत्वाकर्षण के कारण रक्त को ऊपर की ओर पंप करना हृदय के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
  • समय के साथ, मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह थोड़ा कम हो सकता है, जो ‘एजिंग’ या बुढ़ापे की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।

यह Temple Device इसी रक्त प्रवाह को रियल-टाइम (Real-time) में मापता है ताकि यह समझा जा सके कि विभिन्न स्थितियों में दिमाग को कितना खून मिल रहा है।

‘Temple’ डिवाइस कैसे काम करता है? (How it Works)

विशेषज्ञों और रिपोर्टों के अनुसार, यह डिवाइस Near-Infrared Spectroscopy (NIRS) तकनीक का उपयोग करता है।

  • यह रोशनी (Light) का उपयोग करके मस्तिष्क में ऑक्सीजन के स्तर और रक्त के प्रवाह का अनुमान लगाता है।
  • यह डेटा लगातार एकत्र किया जाता है, जिससे यह पता चलता है कि चलने, बैठने या व्यायाम करने के दौरान मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर क्या प्रभाव पड़ता है।
  • इसका उद्देश्य यह देखना है कि क्या “इनवर्जन” (Inversion) जैसी गतिविधियाँ (जैसे सिर के बल खड़ा होना या उल्टा लटकना) मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर उम्र बढ़ने के संकेतों को कम कर सकती हैं।

क्या यह डिवाइस सभी के लिए उपलब्ध है?

अभी के लिए, जवाब है नहीं

  • यह डिवाइस वर्तमान में केवल एक रिसर्च प्रोटोटाइप (Research Prototype) है।
  • इसे दीपिंदर गोयल की निजी रिसर्च पहल, ‘Continue Research’ द्वारा विकसित किया गया है।
  • यह व्यावसायिक रूप से बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है और न ही इसे अभी तक किसी चिकित्सा प्राधिकरण (Medical Authority) से आधिकारिक मान्यता मिली है।

विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण

हालांकि यह तकनीक सुनने में बहुत भविष्यवादी (Futuristic) लगती है, लेकिन चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों ने इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है।

  • अपोलो अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार का कहना है कि मानव शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए बहुत मजबूत प्रणालियाँ (Autoregulation) होती हैं, जो गुरुत्वाकर्षण के बावजूद मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त पहुँचाती हैं।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि स्वस्थ व्यक्तियों के लिए निरंतर ब्रेन मॉनिटरिंग की वर्तमान में कोई चिकित्सकीय आवश्यकता नहीं है। हालांकि, अनुसंधान के नजरिए से यह एक दिलचस्प कदम हो सकता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दीपिंदर गोयल का ‘Temple’ डिवाइस पहनना यह दर्शाता है कि आधुनिक उद्यमी केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानव स्वास्थ्य और विज्ञान की सीमाओं को भी चुनौती दे रहे हैं। चाहे यह तकनीक सफल हो या न हो, इसने मस्तिष्क के स्वास्थ्य (Brain Health) और लॉन्गेटिविटी (Longevity) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर एक नई चर्चा छेड़ दी है।

Deepinder Goyal’s ‘Temple’ Wearable Sparks Debate

यह वीडियो जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल द्वारा पहने गए ‘टेम्पल’ डिवाइस के आसपास की चर्चा और इसके पीछे के एजिंग साइंस के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करता है।

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