आज का पंचांग 23 दिसंबर 2025: मंगल और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभ योग, जानें क्यों आज शिव पूजन है वर्जित और क्या हैं सटीक मुहूर्त

आज का पंचांग 23 दिसंबर 2025: मंगल और श्रवण नक्षत्र का दुर्लभ योग, जानें क्यों आज शिव पूजन है वर्जित और क्या हैं सटीक मुहूर्त

पंचांग (Panchang Today): आज मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 का दिन साहस, पराक्रम और संकल्प शक्ति को समर्पित है। आज पौष शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में ‘जया तिथि’ कहा जाता है। आज का दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रभावशाली है जो मंगल दोष से पीड़ित हैं या जीवन में आत्मविश्वास की कमी महसूस करते हैं।

आज का नक्षत्र श्रवण है, जिसका स्वामी चंद्रमा है। मंगलवार और श्रवण नक्षत्र का यह मेल आत्मिक ऊर्जा को सही दिशा में मोड़ने का संकेत देता है। आइए विस्तार से जानते हैं आज के शुभ मुहूर्त और वर्जित कार्यों के बारे में।

📅 तिथि और नक्षत्र की विशेष गणना (23 दिसंबर 2025)

आज की तिथि की अधिष्ठात्री देवी माँ गौरी हैं, जो पारिवारिक सुख और आरोग्य की दाता हैं। वहीं तृतीया तिथि के स्वामी कुबेर महाराज हैं, जो धन और ऐश्वर्य के अधिपति माने जाते हैं।

विवरणआज की ज्योतिषीय स्थिति
तिथिपौष शुक्ल तृतीया (दोपहर 12:15 PM तक)
नक्षत्रश्रवण (ज्ञान और श्रवण का नक्षत्र)
योगव्याघात (सावधानी बरतने का योग)
करणगर
दिन/वारमंगलवार (मंगल ग्रह को समर्पित)

☀️ सूर्य और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 06:47 AM
  • सूर्यास्त: शाम 05:30 PM
  • चंद्रोदय: सुबह 09:18 AM
  • चंद्रास्त: रात 08:25 PM

✅ आज के श्रेष्ठ मुहूर्त (Auspicious Timings)

किसी भी विजय प्राप्ति या पराक्रम से जुड़े कार्यों के लिए इन समयों का चयन करें:

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:21 AM से 06:16 AM तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 AM से 12:30 PM तक (सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त)
  • गोधुली मुहूर्त: दोपहर 02:14 PM से 03:03 PM तक
  • विजय मुहूर्त: शाम 05:23 PM से 06:11 PM तक

⚠️ आज का अशुभ समय (Inauspicious Timings)

राहुकाल में महत्वपूर्ण सौदे या यात्रा टालना ही बेहतर होता है:

  • राहु काल: दोपहर 02:49 PM से 04:10 PM तक
  • यमगंड: सुबह 09:28 AM से 10:48 AM तक
  • गुलिक काल: दोपहर 12:09 PM से 01:29 PM तक

🚩 विशेष धार्मिक नियम: आज शिव पूजन क्यों है वर्जित?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, तृतीया तिथि पर भगवान शिव की विशेष पूजा वर्जित मानी जाती है। कहा जाता है कि इस तिथि में महादेव ‘क्रीड़ा’ (विश्राम या आनंद मुद्रा) में होते हैं, इसलिए उनके ध्यान में विघ्न डालना उचित नहीं माना जाता। हालांकि, आज का दिन हनुमान जी और माँ दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत ऊर्जावान है।

💡 मंगलवार के सिद्ध उपाय: कर्ज और बाधाओं से मुक्ति

  1. ऋण मुक्ति के लिए: आज हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें या सुंदरकांड का पाठ करें। यह उपाय पुराने कर्ज से राहत दिलाने में सहायक माना जाता है।
  2. आत्मविश्वास वृद्धि हेतु: देवी मंदिर में गुड़हल का फूल अर्पित करें और ‘सिद्ध कुंजिका स्तोत्र’ का पाठ करें।
  3. मनचाहा जीवनसाथी: जो कन्याएं विवाह बाधा से जूझ रही हैं, वे आज माँ गौरी को श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  4. वाहन खरीदारी: मंगलवार और तृतीया का मेल ‘सिद्ध योग’ बनाता है, जो वाहन या मशीनरी खरीदने के लिए बहुत शुभ है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणना पर आधारित है। किसी भी विशेष अनुष्ठान से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *