आज का पंचांग: समय की शुद्धि और ग्रहों की स्थिति का पूर्ण विवरण (29 दिसंबर 2025)

आज का पंचांग: समय की शुद्धि और ग्रहों की स्थिति का पूर्ण विवरण (29 दिसंबर 2025)

हिन्दू धर्म और भारतीय संस्कृति में समय की गणना का आधार ‘पंचांग’ है। पंचांग केवल एक कैलेंडर नहीं है, बल्कि यह आकाश मंडल में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का एक गणितीय और आध्यात्मिक विवरण है। जब हम ‘आज का पंचांग’ शब्द का प्रयोग करते हैं, तो हमारा अर्थ उस विशेष दिन के उन पांच अंगों से होता है जो हमारे जीवन के शुभ-अशुभ कार्यों को प्रभावित करते हैं।

यहाँ आज के पंचांग (29 दिसंबर 2025) का विस्तृत विवरण, उसके महत्व और गणना के आधार पर एक संपूर्ण लेख प्रस्तुत है।


1. पंचांग का अर्थ और महत्व

पंचांग‘ शब्द संस्कृत के दो शब्दों ‘पंच’ (पांच) और ‘अंग’ (हिस्से) से मिलकर बना है। ये पांच अंग हैं: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। प्राचीन काल से ही भारतीय मनीषियों ने प्रकृति और ब्रह्मांड के बीच के तालमेल को समझने के लिए इस पद्धति का विकास किया था। किसी भी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या व्यापार की शुरुआत के लिए पंचांग की गणना अनिवार्य मानी जाती है।

2. आज का पंचांग विवरण (29 दिसंबर 2025)

  • दिनांक: 29 दिसंबर 2025
  • दिन: सोमवार (Monday)
  • संवत: विक्रम संवत 2082
  • मास: पौष मास
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

पंचांग के पांच मुख्य अंग:

  1. तिथि (Tithi): आज दशमी तिथि है। दशमी तिथि को ‘धर्मराज‘ की तिथि माना जाता है और यह शुभ कार्यों के लिए उत्तम होती है।
  2. नक्षत्र (Nakshatra): आज अश्विनी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह केतु का नक्षत्र है और इसे ऊर्जा एवं गति का प्रतीक माना जाता है।
  3. वार (Var): आज सोमवार है। यह चंद्रमा का दिन है और मानसिक शांति एवं भक्ति के लिए विशेष माना जाता है।
  4. योग (Yoga): आज शिव योग रहेगा, जो आध्यात्मिक कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी है।
  5. करण (Karana): प्रथम करण गर रहेगा और द्वितीय करण वणिज होगा।

3. आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

शुभ मुहूर्त वह समय होता है जब ब्रह्मांडीय ऊर्जाएं हमारे अनुकूल होती हैं।

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:58 से दोपहर 12:41 तक। (यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है, जिसमें किसी भी नए कार्य की शुरुआत की जा सकती है।)
  • अमृत काल: दोपहर 02:15 से 03:55 तक।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:05 से 02:47 तक।

4. आज के अशुभ समय (Inauspicious Timings)

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल और कुछ अन्य विशेष समय में शुभ कार्यों को वर्जित माना गया है।

  • राहुकाल (Rahukaal): सुबह 08:30 से 09:50 तक। (इस समय में महत्वपूर्ण अनुबंध या यात्रा टालनी चाहिए।)
  • यमगंड: सुबह 11:10 से दोपहर 12:30 तक।
  • गुलिक काल: दोपहर 01:50 से 03:10 तक।

5. सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Sun and Moon Cycles)

  • सूर्योदय: सुबह 07:13 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 05:32 बजे
  • चंद्रोदय: दोपहर 01:22 बजे
  • चंद्रास्त: देर रात 02:45 बजे (30 दिसंबर)
  • चंद्र राशि: आज चंद्रमा मेष राशि में गोचर करेंगे।

6. आज के दिन का आध्यात्मिक महत्व

29 दिसंबर 2025, सोमवार का दिन है और पौष मास का शुक्ल पक्ष चल रहा है। पौष मास को सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। चूंकि आज सोमवार है, इसलिए भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।

  • क्या करें: आज के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना (जैसे दूध, चावल, चीनी) मानसिक शांति प्रदान करता है। अश्विनी नक्षत्र होने के कारण आज नई परियोजनाओं की योजना बनाना और यात्रा करना सफल हो सकता है।
  • क्या न करें: राहुकाल के दौरान किसी भी कीमती वस्तु की खरीदारी या मांगलिक कार्य न करें।

7. पंचांग के अंगों का वैज्ञानिक आधार

पंचांग केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान (Astronomy) पर आधारित है।

  • तिथि चंद्रमा और सूर्य के बीच की कोणीय दूरी को दर्शाती है।
  • नक्षत्र आकाश में चंद्रमा के मार्ग में आने वाले तारों के समूह हैं।
  • करण एक तिथि का आधा हिस्सा होता है।इन सभी की गणना से हमारे शरीर के भीतर के जल तत्व और मानसिक आवेगों पर पड़ने वाले प्रभावों को समझा जा सकता है। आधुनिक विज्ञान भी स्वीकार करता है कि चंद्रमा की कलाओं का प्रभाव समुद्र के ज्वार-भाटा और मानव मस्तिष्क पर पड़ता है।

8. आज की यात्रा और दिशाशूल

  • दिशाशूल (Dishashool): सोमवार के दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल होता है।
  • उपाय: यदि आज आपको पूर्व दिशा में यात्रा करना अनिवार्य है, तो घर से निकलने से पहले दर्पण देखकर या दूध पीकर निकलें। इससे यात्रा के विघ्न कम होते हैं।

निष्कर्ष

पंचांग हमें समय की महत्ता सिखाता है। 29 दिसंबर 2025 का यह दिन नई संभावनाओं को लेकर आया है। यदि हम पंचांग के शुभ मुहूर्तों का ध्यान रखते हुए अपने कार्यों को गति देते हैं, तो सफलता की संभावना बढ़ जाती है। याद रखें, पंचांग एक मार्गदर्शक है, लेकिन कर्म प्रधान है। शुद्ध मन और सही समय का संगम ही विजय दिलाता है।

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